Friday, 13 October 2017

आत्मसम्मान की कविता ( Attitude poem)

बाहर वाले को दिल के अंदर का क्या पता,
हंसने वाले को आँखों के मंजर  का क्या पता, 
मुझसे पूछते हो कि सूरज में कितनी गर्मी है ;
अरे ये जाकर तालाबों से पूछो समंदर को क्या पता| 
                                        

First

लड़के भी रोते हैं, जब घर से दूर होते हैं / हिंदी कविता शायर के द्वारा

￰घर में बच्चे लेकिन बहार  मशहूर होते  हैं अ जी लड़के भी रोते हैं, जब घर से दूर होते हैं लड़के भी घर से बाहर मम्मी-पापा के बगैर  होते हैं ...