Friday, 10 August 2018

Shayar Satyendra Kumar

हमारे दिमाग में कई जोर बैठे हैं
जो आये थे मेरे लिए वो कहीं और बैठे हैं
कहां जाऊं और किससे बयां करूं हाले दिल
जितने भी हैं सियासत में सब चोर बैठे हैं

Tuesday, 31 July 2018

Shayar Satyendra Kumar

माना  कि किश्मतों के मारे भी बहुत हैं
पलकें उठा के देख सहारे भी बहुत हैं

फिर न मिली दोबारा नजरे  वो तीर सी
वैसे तो इस जहां में नजारे भी बहुत हैं

रुक्सत हुआ जो चाँद तो उजाले न फिर हुए
वैसे तो आसमान में सितारे भी बहुत हैं

बैठे हैं आज जो सब जीते कई वतन
पहले यहां से ये सब हारे भी बहुत हैं

उजड़ा जो वक्त मेरा सारे बदल गये
वैसे तो दोस्त जग में हमारे भी बहुत हैं

Wednesday, 18 July 2018

Attitude shayari

इश्क़ में फ़नाह होने की जुर्रत छोड़ देनी चाहिए,

दिलों पर राज करने की हुकूमत छोड़ देनी चाहिए,

मेरे हमराह, मेरे हमसफ़र,मेरे हमदोस्त ने कहा था कभी

जब बात इज्जत पे हो तब मोहब्बत छोड़ देनी चाहिए..

Wednesday, 11 July 2018

Shayar satyendra kumar

मै बीते हुए हर फ़साने  से बाक़िब हूँ,
तेरी हर अदा और बहाने से बाक़िब हूँ|

तुमने तो अभी पढ़नी सीखी है मोहब्बत ,
मै तो कई जमाने से बाक़िब हूँ|

मत सोच तेरा हुशन मदहोश करदेगा मुझे,
मै शहर के हर मैखाने से बाक़िब हूँ|

इन सबने झूठा नकाब पहना है लैला मजनू का ,
मै इश्क़ के हर दिवाने से बाक़िब हूँ|

इनमे इतना बजूद कहां जो मेरे इरादे बदल सके ,
मै आँधियों के हर परवाने से बाक़िब हूँ|

Thursday, 28 June 2018

मुझे कई राजाओं के कहर दिखाई देते हैं

मुझे कई राजाओं के कहर दिखाई  देते हैं,
बरबादी की होड़ में कई शहर दिखाई देते हैं|

ये तूफान जरा आइस्ता गुजर दरख्तों की शाखाओं से,
मुझे वहां कई परिंदो के घर दिखाई देते हैं|

अरे तुम कोयल की कूक न सुन सके अकेले में भी,
मुझे भरी भीड़ में तितलियों के पर सुनाई देते हैं|

सुना है कि हिज्र-ए-गम मिट जाते हैं कुछ सालों बाद,
लेकिन मुझे आज भी असर दिखाई देते हैं|

कोई उनसे कहो कि हमे अंजाम की फ़िक्र नहीं ,
हमे तो  केवल   सफर   दिखाई   देते  हैं|

मुझे चाहने वाले गरीब हुए तो क्या हुआ,
मुझे तो केवल उनके जिगर दिखाई देते हैं|

लिबाज़ उनका गंदा है मुझे क्या मतलब,
मुझे तो केवल उनके हुनर दिखाई देते हैं|

Friday, 15 June 2018

शरीफों की शराफत से डरता हूँ by Satyendra Kumar


आज उसकी दी हुई अमानत से डरता हूँ |
लगता है उसने कोई और जुर्म सोचा है मेरे लिए,
अब तो उसकी जमानत से डरता हूँ|

उससे कभी बहुत मोहब्बत की थी हमने ,
इसलिए आज उसकी बगावत से डरता हूँ|

मुझे बदमाशों की बदमाशी से खतरा नहीं,
अब तो शरीफों की शराफत से डरता हूँ|

Tuesday, 12 June 2018

Satyendra Kumar

सुना है यहां लोग पुराने सामान बदलते हैं
  कौन रहना चाहता है यहां सारी उम्र
सुना यहां लोग निशदिन

सुना है यहां लोग पुराने सामान बदलते हैं
  कौन रहना चाहता है यहां सारी उम्र
सुना यहां लोग निशदिन मकान बदलते हैं

हमने हर मुसीबत में दिया था साथ जिनका
आज वो मेरे बुरे वक्त के दरम्यान बदलते हैं

हमने जिनको कभी दी थी पहचान अपनी
 आज वही लोग मेरी पहचान बदलते हैं

 ये मौसम मै जनता हूँ कि तू बेकसूर है
  यहां तू नहीं सिर्फ इंसान बदलते हैं      ...

Wednesday, 30 May 2018

Satyendra ki famous shayari


ये ज़िंदगी मै तुझे आबाज करता हूँ,
तेरे लिए खुद को जाबाज  करता हूँ,
मुझे पता है तेरा अंजाम मौत है,
फिर आज तुझसे आगाज  करता हूँ....

Friday, 11 May 2018

Satyendra Kumar

अभी तो दुनिया की पहचान बाकी है,

अभी तो बीच सफर में थकान बाकी है,

तुमने अभी से समेट लिए पर अपने,

     अभी तो सारी उड़ान बाकी है.....         
 

Monday, 7 May 2018

Sad शायरी By शायर Satyendra Kumar

कभी तैर कर देखो दिल की गहराई में

कभी थोड़ा चल कर देखो मेरी परछाहीं में

तुमको अकेले में मेले नजर आयेंगे

कभी झांक कर देखो मेरी  तनहाई में



कहां और कैसा हूं मै ये सबाल उसका है

दिल और दिमाग में बस ख्याल उसका है

दिन और रातें कटती हैं बस इसी उम्मीद में

न जाने  कैसा अब हाल उसका है


Friday, 4 May 2018

शायर सत्येन्द्र की Sad शायरी

हम बारिश में पतंग उड़ाना जानते हैं,

दिल की आग को बुझाना जानते हैं,

अब न कहना कि हमे रोना नहीं आता,

दरअसल हम आंखों में आंसू सुखाना जानते हैं...

Sunday, 29 April 2018

Satyendra Kumar ki Motivational Poem

मंजिले￰ सब तक रहे थे अपनी अपनी राह में
मै अकेला उड़  रहा था आसमा की  चाह में

सारी दुनिया कह रही थी तू अकेला चल न सकता
काटुओं की इस गुफा  में तू अकेला पल न सकता
मेरे उड़ने के हुनर को शायद वो माने नहीं थे
मै हौसलों से भरा से भरा हूँ शायद वो जाने नहीं थे
वक्त गुजरा जा रहा था इंसां भी घवरा   रहा था
बिजलियाँ सब बुझ  रही थीं बस दिया  एक जल रहा था
मै भी बढ़ता जा रहा  था -2 उस  दिये की राह में
मै अकेला  उड़ रहा था  आसमा की चाह में.......

ज़िंदगी बढ़ती रहेगी कारवां चलता रहेगा
धरती ठंडी ही रहेगी आसमां जलता रहेगा
इस सफर के बाद मेरा दुनिया को पैग़ाम होगा
ऐसे ही चलते रहेंगे आगे जो अंजाम होगा
इस जहां से दूर हटकर  तेरी भी एक शान होगी
 गर न रुके  तेरे कदम  तो तेरी भी पहचान होगी
ज़िन्दगी छोटी पड़ रही थी -2 उस कारवां  की बांह  में
मै अकेला उड़ रहा था आसमां की चाह में........

गर रुक गये तेरे क़दम तो आओगे तुम हास में
गर न रुके तेरे क़दम तो छाआगे इतिहास में
हास या इतिहास बनना सब है तेरे हाथ में
रास्ता तू खुद चलेगा कोई न होगा साथ में
इस रण-ए-भूमि में गर तीर बनकर जायेगा
पूजा जायेगा धरा पे गर वीर बनकर जायेगा
ध्रुब की तरह तू भी चमकेगा-2 आसमां की बांह में
मै अकेला उड़ रहा था आसमा की चाह में.......

मंजिले￰ सब तक रहे थे अपनी-अपनी राह में
मै अकेला उड़  रहा था आसमा की  चाह में...

Thursday, 12 April 2018

हिन्दी डायलॉग

हम उस देश की मिट्टी से हैं जहाँ दुश्मनों की सिर्फ पराजय पर जशन मनाते हैं उनकी मईयत पर नहीं..

Thursday, 22 February 2018

हिन्दी Love शायरी

गगन में उड़ने वाला एक परिंदा हूँ मै,
खुशी का वक्त है और फिर भी शर्मिंदा हूँ मै,
अपनी वो खुश्बू भरी सांस न रुकने देना;
तेरी उन सांसो के चलने से ही जिन्दा हूँ मै|

Monday, 19 February 2018

हिंदी Love शायरी

तेरे इंतजार में गुजरी हैं जाने सदियाँ कितनी,
हमने गिन-गिन के काटदी जाने घड़ियां  कितनी,
सोचले मुझे पत्थर दिल बोलने से पहले;
इन पत्थरों से भी निकली हैं जाने नदियां कितनी|

Sunday, 18 February 2018

Top 5 Motivational Poem in हिन्दी

Top 5 Motivational Poem in हिन्दी:

वक़्त से पहले एक एहसास है ज़िन्दगी ,
लेकिन वक़्त पर कुछ खास है ज़िंदगी,
उस वक़्त शौक  से जी  लो ;
क्योंकि वक़्त के बाद  फिर  उदास है ज़िंदगी|

अपने सारे सपने सजालो इस दुनिया पे,
एक अलग पहचान बनालो इस दुनिया पे,
खुश रहने की बहुत सी वजह है इस जहां में;
एक हसकर नजर तो डालो इस दुनिया पे|

 गिरे हो तो सम्भालना तो पड़ेगा ही दोस्तों,
मंजिल के लिए चलना तो पड़ेगा ही दोस्तों,
इतिहास कहता है कि आसमान छूना आसान नहीं;
जन्नत में जाने के लिए मरना तो पड़ेगा ही दोस्तों|

 तुम चाहों तो सूरज की किरणों को मोड़ दोगे,
तुम चाहों तो हाथ में पत्थर को तोड़ दोगे,
कौन कहता है कि बारूद में आग होती है;
तुम चाहों तो बारूद से पानी  निचोड़ दोगे|

ये दुनिया भी बदलेगी हर शख्श भी बदलेगा,
लोगो की जुबां का ये लब्ज भी बदलेगा,
मायूश मत हो ये परिंदे घड़ियों क परिवर्तन में;
ये ऋतु भी बदलेगी और ये वक्त भी बदलेगा|
       www.stalltypeshayari.in

Sad शायरी

दूर होकर भी तेरी आँखे नम नहीं हैं,
तेरी चाहत के सिवा कोई करम नहीं है,
अभी तक सूखे नहीं मेरे घाव सिर्फ इसलिए;
क्योंकि मेरे पास तेरे जैसा कोई मरहम नहीं है|

Saturday, 17 February 2018

मेरा घर

मै तो बहुत घूमा दुनिया लेकिन,मेरे साथ मेरी मकान न गयी
अपने घर के शाम की, वो खूबसूरत पहचान न गयी
यूँ तो रातें गुजारी  मैंने कई होटलों के कई सोफों  पर
लेकिन घर की चटाई  के अलावा, मेरी कहीं थकान न गयी|

Friday, 16 February 2018

Motivational quote in हिन्दी

वक़्त से पहले एक एहसास है ज़िन्दगी ,
लेकिन वक़्त पर कुछ खास है ज़िंदगी,
उस वक़्त शौक  से जी  लो ;
क्योंकि वक़्त के बाद  फिर  उदास है ज़िंदगी|
                           

Wednesday, 14 February 2018

Motivational Poem

अपने सारे सपने सजालो इस दुनिया पे,
एक अलग पहचान बनालो इस दुनिया पे,
खुश रहने की बहुत सी वजह है इस जहां में;
एक हसकर नजर तो डालो इस दुनिया पे|
          

Friday, 9 February 2018

देशभक्ति की कविता

ये मेरे देश की कहानी है
ये सूरों ये वीरों की जुबानी है|

चलते रहते हैं तीर यहां
पूजे जाते हैं वीर यहां
हम दिलवालों के दिलवाले हैं
हम वतनों के रखवाले हैं

ये नई  नहीं ये पुरानी है
ये मेरे देश की कहानी है
सूरों विरों की जुबानी है|

कुछ ख्वाब अधूरे रह गए हैं
ये बात वो हमसे कह गए हैं
भूलो न उनकी जुबानी तुम
भूलो न उनकी क़ुरबानी तुम

जो बात कही है वीरों ने वो बात
हमे निभानी  है
ये मेरे देश की कहानी है
ये सूरों वीरों की जुबानी है|

सम्मान  में भी हम आगे  हैं
और विज्ञान में भी हम आगे हैं
हमने सीखा बस आगे बढ़ना
चलते-चलते कभी न थकना

दुनिया देखती रह जाये हमें  वो पहचान हमें बनानी है
ये मेरे देश की कहानी है
सूरों वीरों की जुबानी है|

Thursday, 8 February 2018

आत्मसम्मान की कविता ( Attitude poem)

हमने ऊँची हस्तियाँ भी देखीं और घनी बस्तियाँ भी देखीं,
अबारगी भी देखी और कड़ी गिऱफ्तियां भी देखीं,
दुनियाँ वालों मुझे कुछ मत समझाओ;
हमने उड़ते जहाज भी देखे और डूबती कस्तियाँ भी देखीं|

Saturday, 20 January 2018

देश प्रेम की कविता

इस देश की मिट्टी कहती है, रक्षा करो मेरे सम्मानों की|
जब बंदूकें छीनी जाती हैं, कश्मीर में वीर जवानों की||

न एपी न बीजेपी ,न एसपी न बिएसपी की
हम बात करेंगे अन्याय सह रहे,धरती के उस बेटे की
वो कश्मीरी भूल गये, ये मेरे ही रखवाले है
जबकि धैर्य रुका था वीरों का,ये हिन्दोस्ताँ ही वाले हैं

वरना अर्थी उठ जाती, कुछ कश्मीरी परवानों की|
जब बंदूकें छीनी जाती हैं, कश्मीर में वीर जवानों की||

जागो जागो अब तो जागो, हे सत्ता के रखवालों
रोक लो तुम इन पापों को ,हे देश के पालनहारों
हाथ न डालोगे जो तुम, इन शैतानो की बर्बादी मे
बह जाओगे तुम भी एकदिन, इस बुरे वक्त की आंधी मे

अब तो इज्जत लुटती दिखती, धरती के अरमानों की|
जब बंदूकें छीनी जाती हैं, कश्मीर में वीर जवानों की||

Thursday, 18 January 2018

Motivational quote in Hindi

गिरे हो तो सम्भालना तो पड़ेगा ही दोस्तों,
मंजिल के लिए चलना तो पड़ेगा ही दोस्तों,
इतिहास कहता है कि आसमान छूना आसान नहीं;
जन्नत में जाने के लिए मरना तो पड़ेगा ही दोस्तों|

Motivational quote in Hindi

तुम चाहों तो सूरज की किरणों को मोड़ दोगे,
तुम चाहों तो हाथ में पत्थर को तोड़ दोगे,
कौन कहता है कि बारूद में आग होती है;
तुम चाहों तो बारूद से पानी  निचोड़ दोगे|

Inspirational Poem

 माना तेरी मंजिल बहुत करीब है
तेरा रहनुमा ही तेरा हबीब है
ये भी माना कि तेरा लिबाज़ है लाखो का
लेकिन तेरी नियत तो बहुत गरीब है 

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Sad shayari