Thursday, 18 January 2018

Inspirational Poem

 माना तेरी मंजिल बहुत करीब है
तेरा रहनुमा ही तेरा हबीब है
ये भी माना कि तेरा लिबाज़ है लाखो का
लेकिन तेरी नियत तो बहुत गरीब है 

First

लड़के भी रोते हैं, जब घर से दूर होते हैं / हिंदी कविता शायर के द्वारा

￰घर में बच्चे लेकिन बहार  मशहूर होते  हैं अ जी लड़के भी रोते हैं, जब घर से दूर होते हैं लड़के भी घर से बाहर मम्मी-पापा के बगैर  होते हैं ...