हिन्दी Love शायरी

गगन में उड़ने वाला एक परिंदा हूँ मै,
खुशी का वक्त है और फिर भी शर्मिंदा हूँ मै,
अपनी वो खुश्बू भरी सांस न रुकने देना;
तेरी उन सांसो के चलने से ही जिन्दा हूँ मै|

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