Thursday, 22 February 2018

हिन्दी Love शायरी

गगन में उड़ने वाला एक परिंदा हूँ मै,
खुशी का वक्त है और फिर भी शर्मिंदा हूँ मै,
अपनी वो खुश्बू भरी सांस न रुकने देना;
तेरी उन सांसो के चलने से ही जिन्दा हूँ मै|

First

लड़के भी रोते हैं, जब घर से दूर होते हैं / हिंदी कविता शायर के द्वारा

￰घर में बच्चे लेकिन बहार  मशहूर होते  हैं अ जी लड़के भी रोते हैं, जब घर से दूर होते हैं लड़के भी घर से बाहर मम्मी-पापा के बगैर  होते हैं ...