Wednesday, 30 May 2018

Satyendra ki famous shayari


ये ज़िंदगी मै तुझे आबाज करता हूँ,
तेरे लिए खुद को जाबाज  करता हूँ,
मुझे पता है तेरा अंजाम मौत है,
फिर आज तुझसे आगाज  करता हूँ....

Friday, 11 May 2018

Satyendra Kumar

अभी तो दुनिया की पहचान बाकी है,

अभी तो बीच सफर में थकान बाकी है,

तुमने अभी से समेट लिए पर अपने,

     अभी तो सारी उड़ान बाकी है.....         
 

Monday, 7 May 2018

Sad शायरी By शायर Satyendra Kumar

कभी तैर कर देखो दिल की गहराई में

कभी थोड़ा चल कर देखो मेरी परछाहीं में

तुमको अकेले में मेले नजर आयेंगे

कभी झांक कर देखो मेरी  तनहाई में



कहां और कैसा हूं मै ये सबाल उसका है

दिल और दिमाग में बस ख्याल उसका है

दिन और रातें कटती हैं बस इसी उम्मीद में

न जाने  कैसा अब हाल उसका है


Friday, 4 May 2018

शायर सत्येन्द्र की Sad शायरी

हम बारिश में पतंग उड़ाना जानते हैं,

दिल की आग को बुझाना जानते हैं,

अब न कहना कि हमे रोना नहीं आता,

दरअसल हम आंखों में आंसू सुखाना जानते हैं...

First

लड़के भी रोते हैं, जब घर से दूर होते हैं / हिंदी कविता शायर के द्वारा

￰घर में बच्चे लेकिन बहार  मशहूर होते  हैं अ जी लड़के भी रोते हैं, जब घर से दूर होते हैं लड़के भी घर से बाहर मम्मी-पापा के बगैर  होते हैं ...