Sad शायरी By शायर Satyendra Kumar

कभी तैर कर देखो दिल की गहराई में

कभी थोड़ा चल कर देखो मेरी परछाहीं में

तुमको अकेले में मेले नजर आयेंगे

कभी झांक कर देखो मेरी  तनहाई में



कहां और कैसा हूं मै ये सबाल उसका है

दिल और दिमाग में बस ख्याल उसका है

दिन और रातें कटती हैं बस इसी उम्मीद में

न जाने  कैसा अब हाल उसका है


Comments