Thursday, 28 June 2018

मुझे कई राजाओं के कहर दिखाई देते हैं

मुझे कई राजाओं के कहर दिखाई  देते हैं,
बरबादी की होड़ में कई शहर दिखाई देते हैं|

ये तूफान जरा आइस्ता गुजर दरख्तों की शाखाओं से,
मुझे वहां कई परिंदो के घर दिखाई देते हैं|

अरे तुम कोयल की कूक न सुन सके अकेले में भी,
मुझे भरी भीड़ में तितलियों के पर सुनाई देते हैं|

सुना है कि हिज्र-ए-गम मिट जाते हैं कुछ सालों बाद,
लेकिन मुझे आज भी असर दिखाई देते हैं|

कोई उनसे कहो कि हमे अंजाम की फ़िक्र नहीं ,
हमे तो  केवल   सफर   दिखाई   देते  हैं|

मुझे चाहने वाले गरीब हुए तो क्या हुआ,
मुझे तो केवल उनके जिगर दिखाई देते हैं|

लिबाज़ उनका गंदा है मुझे क्या मतलब,
मुझे तो केवल उनके हुनर दिखाई देते हैं|

First

लड़के भी रोते हैं, जब घर से दूर होते हैं / हिंदी कविता शायर के द्वारा

￰घर में बच्चे लेकिन बहार  मशहूर होते  हैं अ जी लड़के भी रोते हैं, जब घर से दूर होते हैं लड़के भी घर से बाहर मम्मी-पापा के बगैर  होते हैं ...