Friday, 15 June 2018

शरीफों की शराफत से डरता हूँ by Satyendra Kumar


आज उसकी दी हुई अमानत से डरता हूँ |
लगता है उसने कोई और जुर्म सोचा है मेरे लिए,
अब तो उसकी जमानत से डरता हूँ|

उससे कभी बहुत मोहब्बत की थी हमने ,
इसलिए आज उसकी बगावत से डरता हूँ|

मुझे बदमाशों की बदमाशी से खतरा नहीं,
अब तो शरीफों की शराफत से डरता हूँ|

First

Sad shayari