Tuesday, 12 June 2018

Satyendra Kumar

सुना है यहां लोग पुराने सामान बदलते हैं
  कौन रहना चाहता है यहां सारी उम्र
सुना यहां लोग निशदिन

सुना है यहां लोग पुराने सामान बदलते हैं
  कौन रहना चाहता है यहां सारी उम्र
सुना यहां लोग निशदिन मकान बदलते हैं

हमने हर मुसीबत में दिया था साथ जिनका
आज वो मेरे बुरे वक्त के दरम्यान बदलते हैं

हमने जिनको कभी दी थी पहचान अपनी
 आज वही लोग मेरी पहचान बदलते हैं

 ये मौसम मै जनता हूँ कि तू बेकसूर है
  यहां तू नहीं सिर्फ इंसान बदलते हैं      ...

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